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Bihar Politics: तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान, कहा- मर जाऊंगा लेकिन RJD में वापस नहीं जाऊंगा

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तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह कभी RJD में वापस नहीं जाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करने की बात कही और भोजपुरी इंडस्ट्री में बढ़ती अश्लीलता पर भी नाराजगी जताई।

पटना/आलम की खबर: बिहार की राजनीति में अपने अलग अंदाज और बेबाक बयानों के लिए चर्चित रहने वाले तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार उन्होंने ऐसा बयान दिया है जिसने न केवल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) बल्कि पूरे बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने साफ शब्दों में कहा कि वह “गीता पर हाथ रखकर” यह बात कहते हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए, वह दोबारा RJD में वापसी नहीं करेंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि मरना मंजूर है, लेकिन वापस उसी रास्ते पर नहीं जाएंगे।

तेज प्रताप यादव के इस बयान को बिहार की राजनीति में बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से उनके और परिवार के बीच रिश्तों को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार उन्होंने जिस अंदाज में अपनी नाराजगी जाहिर की, उसने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

“मैं झूठ नहीं बोलता, महादेव का भक्त हूं”

बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने खुद को महादेव का सच्चा भक्त बताते हुए कहा कि वह झूठ बोलने में विश्वास नहीं रखते। उन्होंने कहा कि जीवन में उन्होंने काफी संघर्ष देखा है और कई बार अपनों से भी निराशा मिली है। तेज प्रताप ने इशारों में कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “जयचंद्रों” की वजह से उन्हें परिवार और राजनीति दोनों जगह नुकसान उठाना पड़ा।

हालांकि उन्होंने किसी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को लेकर राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग अर्थ निकाल रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि तेज प्रताप का यह दर्द लंबे समय से परिवार और पार्टी के भीतर चल रही खींचतान का परिणाम है।

RJD में वापसी से साफ इनकार

तेज प्रताप यादव का सबसे बड़ा बयान RJD में वापसी को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि अब उनका रास्ता अलग है और वह वापस पुराने राजनीतिक ढांचे में नहीं लौटना चाहते। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर कभी उनकी मृत्यु होती है तो उनके ऊपर केवल JJD का ही कफन डाला जाए।

उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तेज प्रताप का यह रुख आने वाले दिनों में विपक्षी राजनीति पर असर डाल सकता है। हालांकि RJD की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राहुल गांधी और मोदी को लेकर दिया दिलचस्प जवाब

मीडिया बातचीत के दौरान जब तेज प्रताप यादव से पूछा गया कि उन्हें राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में कौन ज्यादा पसंद हैं, तो उन्होंने बेहद अलग अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी “फटफटिया चलाते हैं”, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हें पसंद हैं।

तेज प्रताप का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक संकेत मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे तेज प्रताप के अलग अंदाज का हिस्सा बता रहे हैं।

नीतीश कुमार पर भी साधा निशाना

तेज प्रताप यादव ने बातचीत के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता ने भरोसा करके उन्हें सत्ता सौंपी थी, लेकिन उन्होंने बीच रास्ते में ही लोगों का विश्वास तोड़ दिया। तेज प्रताप ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की तबीयत अब पहले जैसी नहीं रही है।

उनके इस बयान को लेकर जदयू खेमे में भी हलचल देखी जा रही है। बिहार की राजनीति में पहले से ही सियासी बयानबाजी तेज है और ऐसे में तेज प्रताप के बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

भोजपुरी इंडस्ट्री को लेकर जताई नाराजगी

राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ तेज प्रताप यादव ने भोजपुरी इंडस्ट्री की मौजूदा स्थिति पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आज भोजपुरी संगीत और फिल्मों में अश्लीलता बढ़ती जा रही है, जो समाज के लिए सही संदेश नहीं है।

तेज प्रताप ने भोजपुरी के पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि पहले भिखारी ठाकुर जैसे कलाकारों का “विदेसिया” समाज को जोड़ने वाला और पारिवारिक संस्कृति को मजबूत करने वाला हुआ करता था। लेकिन अब भोजपुरी इंडस्ट्री का माहौल बदल गया है।

उन्होंने भोजपुरी गायकों पवन सिंह और खेसारी लाल यादव का नाम लेते हुए कहा कि इंडस्ट्री को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और समाज को बेहतर संदेश देने वाले गीतों और फिल्मों पर ध्यान देना चाहिए।

सोशल मीडिया पर तेज चर्चा

तेज प्रताप यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। समर्थक और विरोधी दोनों अपने-अपने तरीके से इस बयान की व्याख्या कर रहे हैं। कुछ लोग इसे उनकी भावनात्मक प्रतिक्रिया बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे बिहार की राजनीति में नई रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेज प्रताप यादव हमेशा से अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश करते रहे हैं। यही वजह है कि उनके बयान अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं।

बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल

बिहार में आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए तेज प्रताप यादव का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। RJD, JDU और भाजपा समेत सभी राजनीतिक दलों की नजर अब इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि तेज प्रताप अपने अलग राजनीतिक रास्ते पर आगे बढ़ते हैं तो इसका असर आने वाले चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।

फिलहाल तेज प्रताप यादव के बयान ने बिहार की राजनीति को नई बहस दे दी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में उनके राजनीतिक कदम किस दिशा में जाते हैं।

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